नवरात्र के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, जानें विधि

Devi Shailaputri

पीलीभीत-नवरात्र शुरू हो गए हैं और आज से नौ दिन महाशक्ति की पूजा की जाएगी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इसी दिन घट स्थापना कर मां दुर्गा को घर में स्थापित किया जाता है।

मां शैलपुत्री का रूप

नवदुर्गाओं में प्रथम देवी शैलपुत्री अपने दाहिने हाथ में त्रिशूल धारण करती है, जो भगवान शिव का भी अस्त्र है। देवी शैलपुत्री का त्रिशूल जहां पापियों का विनाश करता है,, वहीं भक्तों को अभयदान देती हैं। उनके बाएं हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित है, जो अविचल ज्ञान और शांति का प्रतीक है। भगवान शिव की भांति देवी शैलपत्री का वाहन भी बैल है।

एक ऐसा मंदिर जहां मूर्तियां करती हैं बातें, जानिए क्या है पूरा सच

घट स्थापना के लिए जरूरी सामान

पाट (जिस पर देवी मां को विराजमान किया जाएगा), जौं, शुद्ध मिट्टी, कलश, नारियल, आम के पत्ते, लाल कपड़ा या चुनरी, मिठाई, फूल, कपूर, धूप, अगरबत्ती, लौंग, देसी घी, कलावा, शुद्ध जल से भरा हुआ चांदी का, सोने या फिर तांबे का लोटा, चावल, फूलों की माला, सुपारी इत्यादि के साथ ही घटस्थापना की जाती है।

ऐसे करें घट स्थापना

घट यानि कलश, इसे भगवान गणेश का रूप माना जाता है और किसी भी तरह की पूजा में सबसे पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। कलश स्थापना के लिए जरूरी है सबसे पहले पूजा स्थल को अच्छे से शुद्ध किया जाए। उसके बाद एक लकड़ी के पाटे पर लाल कपड़ा बिछाएं, उसके बाद हाथ में कुछ चावल लेकर भगवान गणेश का ध्यान करते हुए पाटे पर रख दें। अब जिस कलश को स्थापित करना है उसमें शुद्ध जल भरें, आम या अशोक के पत्ते लगाएं और पानी वाला नारियल उस कलश पर रखें। इसके बाद उस कलश पर रोली से स्वास्तिक का निशान बनाएं। अब उस कलश को स्थापित कर दें। नारियल पर कलावा और चुनरी भी बांधें। अब एक तरफ एक हिस्से में मिट्टी फैलाएं और उस मिट्टी में जौ डाल दें। इस तरह कलश की स्थापना हो जाने को बाद मां की पूजा प्रारंभ करें।

देश भर में शारदीय नवरात्री का आरंभ, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त

ये लगाएं भोग

मां शैलपुत्री के चरणों में गाय का घी अर्पित करने से भक्तों को आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है और उनका मन एवं शरीर दोनों ही निरोगी रहता है।

माता की उपासना के लिए मंत्र

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

बंगाल में दुर्गा पूजा की भव्यता देखनी है तो यहां जाएं

Tags
, , ,

RELATED POSTS

© 2017 Dew Media News Broadcasting Private Limited