Union Budget 2018: किसानों को तोहफा, रेलवे के लिए खास, छोटे व्यापारियों को लाभ, इन्हें मिली मायूसी

Union Budget 2018

केंद्रीय वित्तमंत्री संसद भवन पहुंच गए हैं। इससे पहले परंपरा के मुताबिक अरुण जेटली बजट के साथ राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात की ओर राष्ट्रपति भवन में उनसे चर्चा की। इसके बाद उन्होंने बजट पेश किया। जेटली ने बजट भाषण की शुरुआत में कहा कि जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि निर्यात के 15 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है। इस साल का बजट कृषि, हेल्थ सेक्टर, वरिष्ट नागरिक, लघु क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। अरुण जेटली ने आम बजट 2018 को पेश करते हुए रोजगार और छोटे उद्योगों के लिए बड़े ऐलान किए।

बजट न आने के कारण मडरा रहे संकट के बादल

रोजगार और छोटे उद्योगों को लाभ 

  • लघु और मझोले उद्योगों के लिए सरकार ने 20 फीसदी अधिक राशि मुद्रा आंवटित करने का ऐलान किया है। पिछले साल यह राशि 2.44 करोड़ रुपये थी।
  • ऑटोमेशन की वजह से देश में रोजगार की कुछ कमी हो सकती है। इस फाइनेंसियल ईयर में 70 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आने वाले वक्त में इसको और बढ़ाने की बात केंद्रीय वित्त मंत्री में अपने भाषण में कही।
  • सरकार ने सभी सेक्टरों में आने वाले वर्षों में 12 फीसदी का निवेश करेगी। महिलाकर्मियों का EPF 12 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी कर दिया है, कि महिलाकर्मी ज्यादा सैलेरी लेकर घर जा सकेंगी।

देश में खुलेंगे 24 नए मेडिकल कॉलेज

  • बजट में वित्त मंत्री ने शिक्षा इ क्षेत्र में भी कई ऐलान किये। उन्होंने कहा, बजट 2018 में पूरे देश में आईआईटी के तहत 18 स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर खोले जाएंगे। साथ ही पुरे देश में 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
  • जेटली ने कहा कि अब प्री-नर्सरी से 12 वीं तक के लिए एक नीति बनेगी। अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग नीति होती थी लेकिन अब इसे समग्र रूप से देखना चाहते हैं।
  • जेटली ने कहा कि वर्तमान में शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने की जरूरत है। उनके प्रशिक्षण पर ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से ट्रेंड करेंगे। स्कूलों में ब्लैकबोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही केंद्र सरकार स्कूल टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी।

किसानों को तोहफा

  • हमारे 86 फीसदी से अधिक किसान लघु एवं सीमांत किसान हैं। उनके लिए ग्रामीण कृषि बाजारों का विकास किया जाएगा।
  • मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 1.5 गुना किया गया है।
  • गांवों में 22 हजार हाटों को कृषि बाजार में तब्दील किया जाएगा।
  • बजट में खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर होगा।
  • आलू-प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रीन लॉन्च किया जाएगा।
  • 1200 करोड़ रुपये की राशि के साथ राष्ट्रीय बांस मिशन की शुरुआत की जाएगी
  • इस बजट में मछुआरों और पशुपालकों को भी किसानों की तर्ज पर दिए जाएंगे क्रेडिट कार्ड।
  • कृषि बाजार के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया जाएगा।
  • कृषि क्रेडिट के लिए 11 लाख करोड़ रुपये का आवंटन होगा।
  • खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के लिए आवंटन राशि को दोगुना किया गया।
  • कृषि उत्पादों के निर्यात को 100 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
  • सरकार ईज ऑफ लिविंग पर जोर दे रही है। सरकार साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करेगी।
  • ऐसे पौधे जिनका दवाइयों में इस्तेमाल होता हो उनका भी सरकार उत्पादन बढ़ाने के लिए बढ़ावा देगी।
  • ई-नैम को भी हमने किसानों को तहत जोड़ा है। ताकि किसानों को जहां ज्यादा मूल्य मिलती है।
  • किसान कृषि लोन की सुविधा से वंचित रह जाते हैं, ये बंटाईदार होते हैं, जिनको बाजार से कर्ज लेना पड़ता है। नीति आयोग ऐसी व्यवस्था बना रहा है कि ऐसे किसानों को कर्ज लेने में सुविधा मिले।

रेलवे के लिए खास घोषणाएं

  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रेल पर इस साल 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है।
  • जेटली ने कहा, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्टर को मजबूत करना और रेलवे की क्षमता में इजाफा करना सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। 1,48,558 करोड़ रुपये का बजट सरकार ने साल 2018-19 के लिए रेलवे के लिए आवंटित किया है। इसका अधिकांश भाग कैपेसिटी क्रिएशन के लिए रखा गया है।
  • 18000 किमी रेल लाइन को डबल किया जाएगा।
  • 3 से 4 हजार किमी लाइन को तिहरा और चौगुना करने का सरकार का लक्ष्य।
  • सभी नैरो गेज को ब्राड गेज में करवर्ट करेगी सरकार।
  • वेस्टर्न और इस्टर्न डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर पूरी गति से काम चल रहा है।
  • 12000 वैगन, 5000 कोच 700 इंजन का निर्माण पिछले साल किया गया।
  • सेफ्टी फर्स्ट पॉलिसी के अंतर्गत राष्ट्र्रीय रेलवे संरक्षण के कोष के अंतर्गत पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार/ मेंटनेंस पर विशेष ध्यान दिया गया है। 3,6000 किमी ट्रैक के सुधार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में रखा गया है।
  • कोहरे से सुरक्षा और ट्रेन सुरक्षा के लिए तकनीकि का सहारा लिया जाएगा।
  • 4,267 गैर मानवरहित रेलवे क्रासिंग को अगले दो साल में खत्म करने का निर्णय लिया गया है।
  • 600 प्रमुख रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण इंडियन रेलवे स्टेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा। जिन रेलवे स्टेशन से प्रतिदन 25 हजार से ज्यादा लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं उनमें एस्केलेटर्स लगाए जाएंगे।
  • सभी रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में वाई-फाई और सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
  • वित्त मंत्री ने एेलान किया कि मुंबई लोकल रेलवे में 90 क्रिमी डबल ट्रैक का इजाफा किया जाएगा। इसके लिए 11 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • 150 किमी का अतिरिक्त सब अरबन नेटवर्क मुंबई में बनाया जाएगा। जिसकी लागत तकरीबन 40 हजार करोड़ रुपये होगी। यह कुछ क्षेत्रों मे ये एलिवेटेड भी होगा।
  • बेंगलुरु के लिए 17000 करोड़ की लागत से 160 किमी लंबे सब अरबन प्रोजेक्ट की घोषणा।

सैलरीड और मिडल क्लास को मायूसी

  • वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने से इनकार किया। लेकिन उन्होंने सैलरीड क्लास के मौजूदा टैक्सेबल इनकम में से 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन कर दिया।जिसका मतलब है जितनी सैलरी पर टैक्स बनेगा, उसमें से 40 हजार घटाकर टैक्स देना होगा।
  • हाउस ऐंड ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर भी मामूली राहत का ऐलान किया गया जिसका लाभ 2.5 करोड़ सैलरीड और पेंशनर्स को मिलेगा।

Union Budget 2018: जेटली की पोटली से किसानों के लिए तोहफा2

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