झोलाछाप डॉक्टर की करतूत, 20 लोग हुए HIV का शिकार, शासन ने रिपोर्ट मांगी

Unnao HIV

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एचआइवी का एक नया मामला सामने आया है। यहां एक झोलाछाप डॉक्टर की वजह से बीस लोगों की जिंदगी खतरे में है। दरअसल, झोलाछाप डॉक्टर के संक्रमित सिरिंज का प्रयोग करने के कारण बीस लोगों में एचआइवी का संक्रमण फैल गया है।

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क्या है मामला ?

मामला उन्नाव के बांगरमऊ का है जहां एक झोलाछाप डॉक्टर के कारण 21 लोग एचआईवी संक्रमण के शिकार हो गए। इनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इस झोलाछाप डॉक्टर ने एक ही सिरिंज से सभी को इंजेक्शन लगाया था। अभी तो 21 मामले सामने आए हैं, अन्य की भी जांच की जा रही है। सभी को कानपुर के एआरटी सेंटर रेफर कर दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

खबरों के मुताबिक कुछ गांवों में साईकिल पर घूमकर एक झोलाछाप ने लोगों का इलाज किया था। इस दौरान उस झोलाछाप डॉक्टर ने एक ही इंजेक्शन बार-बार इस्तेमाल किया जिससे इन लोगों को संक्रमण हुआ। झोलाछाप से इलाज करवाने वाले कुछ और लोगों में एचआईवी संक्रमण के लक्षण दिखे हैं। इसकी पुष्टि के लिए कई जांच करवाई जा रही हैं।

महानिदेशक ने सीएमओ से तत्काल मांगी रिपोर्ट

इस मामले के सामने आने के बाद संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक ने वहां के सीएमओ से तत्काल रिपोर्ट मांगी है। इस घटना के बाद फिर से सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि झोलाछाप डॉक्टरों का पता लगाकर उनके खिलाफ अभियान चलाया जाए। अब इस मामले में स्वस्थ विभाग भी घेरे में हैं। बताया जा रहा है कि, कुछ महीने पहले सीएमओ ऑफिस में झोलाछाप की शिकायत की गई थी, लेकिन इसकी जांच नहीं करवाई गयी। क्षेत्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इलाके में ठीक से जांच होने पर सैकड़ों पॉजिटिव केस मिलने की आशंका है। कानपुर में अब तक इलाज के लिए 40 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग ने 24 जनवरी को बांगरमऊ के किरविदियापुर में कैंप लगाया था। यहां 84 लोगों ने जांच कराई। जिनमें 38 लोग एचआइवी से पीडि़त पाए गए थे।

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