आसमान से अब भारत की चीन-PAK की चालबाजियों पर होगी 24 घंटे नजर

 

ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार 12 जनवरी को 31 उपग्रहों को एक साथ लांच करके एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इसमें 28 विदेशी और तीन स्वदेशी उपग्रह शामिल।

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छह देशों के हैं 28 उपग्रह

इसरो ने शुक्रवार सुबह 9.28 पर पीएसएलवी के जरिए एक साथ 31 उपग्रह को लॉन्च किया। भेजे गए कुल 31 उपग्रहों में से तीन भारतीय हैं और 28 छह देशों से हैं: कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका भी शामिल हैं।

पीएसएलवी का हुआ इस्तेमाल

इसरो के भरोसेमंद प्रक्षेपण यान पोलर सेटेलाइट लांचिंग व्हीकल (पीएसएलवी) से अभियान लांच किया गया। यह पीएसएलवी सी-40 की 42वीं उड़ान थी। इसमें भेजे गए 31 उपग्रहों का कुल वजन 1,323 किग्रा है। इसमें 710 किग्रा कार्टोसेट-2 का और 613 किग्रा अन्य उपग्रहों का था। पीएसएलवी ने पहली सफल उड़ान 1994 में भरी थी। 44 मीटर लंबा पीएसएलवी भू-स्थिर कक्षा तक 3800 किग्रा तक पेलोड ले जा सकता है। लेकिन चार महीने पहले 31 अगस्त 2017 इसी तरह का एक प्रक्षेपास्त्र पृथ्वी की निम्न कक्षा में देश के आठवें नेविगेशन उपग्रह को वितरित करने में असफल रहा था। पीएसएलवी-सी40 वर्ष 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है। अन्नादुरई ने कहा, “पीएसएलवी अपने 39वें परियोजना (पीएसएलवी-सी 39) तक बहुत सफल रहा था, पीएसएलवी-सी 39 हमारे लिए एक बहुत बड़ा झटका था क्योंकि हीट शील्ड अलग नहीं हो पाए थे।”

पाकिस्तान और चीन में मची हलचल

भारत की इस उपलब्धि से देश की सीमा पर पैनी नजर रखी जा सकेगी। भारत इसका इस्तेमाल से चीन और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर सकेगा। इसी वजह से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। अब भारत इस उपग्रह से ली गयी तस्वीरों का इस्तेमाल, भू मानचित्र बनाने,सड़क नेटवर्क की निगरानी, जल वितरण में कर सकेगा। साथ ही भूसतह में आने वाले बदलावों की भी निगरानी उपग्रह से मिले तस्वीरों से होगी। इससे पाकिस्तान और चीन की गंदी रणनीति का भी पता चल सकेगा।

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